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PM मोदी ने दिया जापानी छात्रों को न्यौता!

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टोक्यो।। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज जापान दौरे का चौथा दिन है। आज प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में छात्रों को संबोधित किया। आज मोदी ने भारत की सांस्कृतिक और भोज्य विविधत की जमकर प्रशंसा की। मोदी ने तक्षशिला, नालंदा का जिक्र करते हुए छात्रों को भारत आने का न्यौता दिया। उन्होंने कहा कि आप भारत आते हैं तो बहुत अच्छी स्मृतियां लेकर आप लौटेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की विविधता से जापानी छात्रों को परिचित कराते हुए कहा कि देश की इन विविधताओं से काफी कुछ सीखा जा सकता है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे भारत का दौरा करें और वहां घूमें, जिससे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। अपनी पांच दिवसीय जापान यात्रा के चौथे दिन मोदी ने टोक्यो में टीसीएस जापान टेक एंड कल्चरल एकेडमी के उद्घाटन अवसर पर कहा कि जितना आप अपने कमरे में सीखेंगे, उससे कहीं अधिक आप अपने कमरों से बाहर सीखेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर अकाउंट के अनुसार, मोदी ने कहा, "मेरी एक सलाह भी है, यदि आप भारत में रहें तो प्रतिदिन टीसीएस के कमरों में ही न रहें। समय निकालकर पूरे भारत का भ्रमण करें।"

मोदी ने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान की सदी है और वही देश दुनिया का नेतृत्व करेगा, जिसके पास ज्ञान व सूचना होगी। मोदी ने टोक्यो में टीसीएस जापान टेक एंड कल्चरल एकेडमी के उद्घाटन अवसर पर कहा, "जिसके पास ज्ञान व सूचना होगी, वही दुनिया का नेतृत्व करेगा, न कि वह जिसके पास धन व हथियार हो।"

मोदी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा उनके लिए आवश्यक है। मोदी ने सेक्रेड हार्ट विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा बालिकाओं की शिक्षा को महत्व दिया है। उन्होंने बताया कि बालिका शिक्षा के लिए उन्होंने 18 करोड़ डॉलर खर्च किए।

प्रधानमंत्री कार्यालय के ट्विटर अकाउंट पर लिखे संदेश के मुताबिक, मोदी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मैंने राज्य में बालिकाओं को शिक्षा दिलाने के लिए काम किया।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान का ढांचा भी महिलाओं को निर्णय निर्माण प्रक्रिया में शामिल करता है। उन्होंने कहा कि हमारे मौजूदा मंत्रिमंडल में 25 प्रतिशत महिलाएं हैं, यहां तक कि हमारी विदेश मंत्री भी महिला हैं।

मोदी ने यहां छात्रों के सवालों के जावब भी दिये। शिया और विश्व में शांति के लिए भारत और जापान के संबंधों को अहम बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन से जुड़े एक प्रश्न का सामना करना पड़ा। मोदी अपनी जापान यात्रा के चौथे दिन उस समय अचकचा गए जब सेक्रेड हार्ट विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन की एक छात्रा ने उनसे पूछा कि चीन को अलग-थलग रखकर दुनिया में शांति और विकास की बात कैसे हो सकती है।

इस पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी थी, ‘चीन से परेशान लगती हैं’। उन्होंने अपने जवाब में चीन का उल्लेख तो नहीं किया लेकिन कहा कि भारत और जापान लोकतांत्रिक देश हैं। ये दोनों देश जितना सकारात्मक सोचेंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे उतना ही दुनिया को फायदा होगा।

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Title: Rajdeep Sirdeshai
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