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विकासवाद की राह पर चलें भारत-जापान!

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टोक्यो।। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिखर वार्ता के लिए टोक्यो पहुंच चुके हैं। मोदी ने जापान के चैंबर्स ऑफ कॉमर्स में उद्योगपतियों को सम्बोधित किया। मोदी के जापान दौरे का यह तीसरा दिन है। वे यहां दो दिन और रहेंगे। इस शिखर वार्ता में रक्षा और सिविल परमाणु क्षेत्रों समेत कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने जापान और भारत के रिश्तों को मजबूत बनाने की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते बहुत पुराने हैं। उन्होंने कहा कि जापान से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है। मोदी ने कहा कि पहले वो गुजरात के मुख्यमंत्री  के तौर पर जापान आए थे और अब भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यहां आए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की कार्यशैली प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की बागडोर संभालने के साथ ही उन्होंने जापान की कार्यशैली पीएमओ में लागू की। 100 दिन की सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता गुड गवर्नेंस है। दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्तों को बढ़ाने का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि एक गुजराती होने के नाते व्यवसाय और पैसा उनके खून में है।

नरेन्द्र मोदी के भाषण की मुख्य बातें

*नियमों और कानूनों को बदला जा रहा है जिनके परिणाम निकट भविष्य में देखने को मिलेंगे।

*प्रधानमंत्री ने जापानी निवेशकों को आमंत्रित किया और बेहतर निवेश माहौल एवं त्वरित निर्णय का वादा किया।

*हम कौशल विकास और यहां तक कि शोध में भी जापान से मदद हासिल करेंगे।

*भारत और जापान की जिम्मेदारी द्विपक्षीय संबंधों से भी आगे जाकर है। भारतीय और जापानी व्यावसायी विश्व अर्थव्यवस्था को दिशा दे सकते हैं ।

*भारत में जापानी निवेश में मदद के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी।

* मैं आशा करता हूं कि भारत और जापान मिलकर एशिया को विकास के एक नए रास्ते पर ले जाएंगे।

* पीएमओ में एक 'जापान प्लस' टीम होगी। टीम जापान के उद्योगपतियों को सुविधा देगी।

* जापान के साथ रिसर्च में भी सहयोग चाहते हैं। ऊर्जा के साथ स्वच्छ ऊर्जा चाहते हैं। स्वच्छ ऊर्जा हमारी सबसे बड़ी जरूरत।

* भारत-जापान का संबंध 21वीं सदी तय करेगा। 21वीं सदी के लिए भारत-जापान की बड़ी जिम्मेदारी। दोनों देशों में जनता ने स्थिर सरकार दी है।

* 21वीं सदी एशिया की सदी होगी। 21 वीं सदी कैसी हो इसका सवाल मेे मन में. कैसी हो इसका जवाब हमें देना है।

* भारत में जापानी बैंक की अनुमति दी। जापान की तर्ज पर स्किल डेवलेपमेंट चाहता हूं। जापान बहुत बड़ी मदद कर सकता है।

* जो बुद्ध के रास्ते पर वो शांति की गारंटी देते हैं भारत-जापान मिलकर विकासवाद के रास्ते पर चलें। विस्तारवाद से मानव जाति का कल्याण नहीं होगा।

* दुनिया में दो तरह की विचारधारा चल रही है, एक विस्तारवाद और दूसरा विकासवाद। जो बुद्ध के रास्ते पर हैं वे ही शांति और विकास की गारंटी दे सकते हैं।

* भारत में जापानी बैंक की अनुमति दी। जापान की तर्ज पर स्किल डेवलेपमेंट चाहता हूं। जापान बहुत बड़ी मदद कर सकता है।

* पिछला दशक कठिनाइयों में बीता, जो कदम उठाए उसके नतीजे आए। विकास दर से उछाल से विश्वास मिला।

* सरकार को 100 दिन पर बोले पीएम मोदी- हर राज्य को समान अवसर देने की कोशिश। 3 महीने में GDP बढ़ी। गुड गवर्नेस सरकार की प्राथमिकता।

* जो कदम उठाए हैं उसके परिणराम दिख रहे हैं।

* पिछला दशक कठिनाइयों में बीता

* गुड गवर्नेंस सरकार की प्राथमिकता

* हर राज्य को समान अवसार देंगे।

Comments   

 
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Title: hindi samachar
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